
संवि और विहान दोनों अंदर आते हैं। दोनों को लगातार छींक आने लगती है। कनिका हँसते हुए बोली, “क्या दीदी, जीजू... आप दोनों आते ही कांड कर दिए? बारिश में भीग-भीग कर मज़े ले रहे थे क्या?”
कनिका लगातार जीजू को परेशान कर रही थी। संवि उसे गुस्से से घूरती है और फिर विहान को अपने कमरे में ले जाती है। संवि विहान को टॉवल देती है और उसके बाल पोंछने लगती है।





Write a comment ...